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RECEIVE DIVINE WISDOM



RECEIVE DIVINE WISDOM

दिव्य ज्ञान प्राप्त करो 


आदिश्री अरुण 

RECEIVE DIVINE WISDOM

RECEIVE DIVINE WISDOM - ईश्वर श्री हरि 1985 ई० के वैशाख मास शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि को कल्कि नाम से धरती पर अवतार लेकर आए । वे मनुष्य को अनंत जीवन देना चाहते हैं क्योंकि अदन बाटिका में आदम और हव्वा अनंत जीवन प्राप्त नहीं कर सका था बल्कि वह डर को प्राप्त किया था और आत्मिक देह में गया । सर्व प्रथम आदम और हव्वा स्वाभाविक देह में था जिसमें मृत्यु नहीं होती है। बाद में वे दोनों आत्मिक देह में आ गए । आत्मिक देह में आ जाने के कारण ही उन्हें मृत्यु का मुंह देखना पड़ा ।    





ईश्वर ने देखा कि मनुष्य को मृत्यु की वादियों से होकर गुजरना पड़ता है इसलिए उन्होँने मनुष्य को अनंत जीवन देने का फैसला किया। परन्तु अनंत जीवन पाने के लिए ईश्वर के दिव्य ज्ञान की जरुरत है क्योंकि ईश्वर के दिव्य ज्ञान में ही ऐसी शक्ति है कि जिससे कि उसका भ्रम मिट सकता है और यह ज्ञान उनको सही दिशा एवं शांतिमय रास्ते से चलने के लिए मार्गदर्शन कर सकता है । बिना  ईश्वर के दिव्य ज्ञान का इस संसार में वह आत्मिक रूप से अंधा है । यहाँ तक कि तुम देखते हो कि शारीरिक आँख के रहते हुए भी तुम आशीष को नहीं देख सकते कि ईश्वर ने तुम्हारे लिए आशीष भेजा है । अविश्वासियों के लिए इस संसार के ईश्वर ने जिनकी बुद्धि को इस लिए अंधी कर दी है ताकि ईश्वर का जो प्रतिरूप है, उसके तेजोमय समाचार का प्रकाश उन पर न चमके । (बाइबल, 2 कुरिन्थियों 4:4) शैतान ने उसके आँखों को अंधा कर दिया है ताकि मनुष्य ईश्वर के प्रकाश को नहीं देखे । वे वास्तविक मार्ग को नहीं देखे, वे सत्य मार्ग को नहीं देखे जिस पर उसको चलना चाहिए, उस शांतिमय मार्ग को नहीं देखे जिस पर उसको चलना चाहिए ।    



धर्मशास्त्र यह भविष्यवाणी करता है कि आदम को संसार के सभी चीजों पर अधिकार था । ईश्वर ने कहा कि मैंने पुरे अदन बाटिका को तुमको दिया है और सारे जानवर, पौधे तथा समुद्र कि मछलियाँ इत्यादि पर भी तुम्हारा अधिकार हो,  यह अदन बाटिका जो ईश्वर की महिमा से परिपूर्ण है अब इस पर तुम्हारा अधिकार है । अदन बाटिका की सभी चीजें बहुत ही अच्छा था परन्तु उस अदन बाटिका में शैतान आदम और हव्वा को लुभाने के लिए आ गया । उसने आदम और हव्वा से कहा कि अपने  ज्ञान और ताकत पर भरोसा करो। भले - बुरे ज्ञान के वृक्ष के फल को खाकर तुम ईश्वर बन सकते हो । शैतान ने  उसको  धोखा दिया और वे गुमराह किए गए। आदम ने उस फल को लिया और खा गया । इसका परिणाम क्या हुआ ? क्यूए वह ईश्वर बन गया ?  क्या वह महिमा में   महिमावान सिंहासन पर बैठा था ? आदम जिसको ईश्वर ने सभी महिमा से भरपूर किया था, वह अब  डर से कांपता हुआ झारी में चला गया और अपने आपको ईश्वर से छिपा  लिया  । जब आप सांसारिक जीवन जियेंगे तो आपका क्या होगा ? यदि आप ईश्वर के दिव्य ज्ञान का तिरस्कार करेंगे और  शैतान के मार्ग पर चलेंगे तो आपका क्या होगा ?आपका भी वही हाल होगा जो हाल आदम का हुआ था । 



मैं आपको ईश्वर के दिव्य ज्ञान से भरपूर करने आया हूँ और आपको सुझाब देना चाहता हूँ कि इस संसार में जन्म लेने से पहले ईश्वर ने  आपको शांतिपूर्ण, सही और आशीषित करके  बनाया है । परन्तु शैतान ने आपको अंधा कर दिया है और अपने आपको स्वयं के ज्ञान के अनुसार जीने के लिए बाध्य किया है । जब आपको शैतान अंधा कर देगा तो क्या होगा ? ईश्वर अपनी आत्मा से जिस धैर्य को आपके  दिल के अन्दर डाला है आप उस धैर्य को  खो देंगे । ईश्वर जो चीज आपसे करवाना चाहते हैं शैतान आपके  धैर्य को छीन कर उस कार्य से आपको हटा देना चाहते हैं । वे आपके  धैर्य को इसलिए छीन लेना चाहते हैं ताकि आप अलसी हो जाएँ, सुस्त हो जाएँ और बिना किसी उत्साह के आप कार्य करें ताकि आप अपने जीवन में कभी भी सफल न हो सकें।  तब अंत में क्या होगा ? तब आप एक कमजोर स्थिति में आकर खत्म हो जाएँ या फिर नष्ट होने वाली स्थिति में आजाएँ । क्योंकि आप जानते हैं कि आपकी शक्ति और ज्ञान सिमित हैं । अंत में आप एक कोने में दुखी बैठ कर ईश्वर के  मदद के लिए कराहें ।



आज ईश्वर आपको सबसे उत्तम उपहार देना चाहते हैं क्योंकि वे चाहते हैं ताकि आपके उपर ईश्वर की  महिमा  का प्रकाश चमके । इसलिए आप अपने आपको प्रभु कल्कि के चरणों में समर्पित कीजिये, आप प्रभु कल्कि में सम्पूर्ण मन से विश्वास कीजिए और आप किसी भी काम में अपनी समझ का सहारा नहीं लीजिये बल्कि ईश्वर के मार्गदर्शन में हरएक  काम कीजिए । ईश्वर ने कहा कि तुम मुझको पुकारो, मैं तुम्हें उस रहस्य को बताऊंगा  जिसको तुम नहीं जानते हो । ईश्वर तुम्हारे जीवन की योजना को जानते हैं  । उन्होंने तुम्हारे जीवन के लिए जो योजना बनाया है वह नुक्सान का नहीं बल्कि फायदे का है, तुम्हारे उन्नति का है  । ईश्वर भूत, भविष्य और वर्तमान तीनो को जानते हैं । इसलिए उन्होंने जो तुम्हारे लिए योजना बनाया है वह तुम्हारे योजना से उत्तम है । क्योंकि जो बीत गया वह तुम्हें याद नहीं, अभी क्या होगा तुम्हें मालूम नहीं और भविष्य में क्या होगा इसको तुम जानते नहीं । भविष्य में वे आपको आशा और उम्मीद देना चाहते हैं  । वे आपको दिव्य ज्ञान से भरपूर करेंगे ताकि आप एक सफल व्यक्ति बन सकें और आप तारों की तरह चमकें ।
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