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Wednesday, 10 August 2016

डर

आदिश्री अरुण जी का वचन सपनों को सच बनाने में अहं भूमिका निभाती है और प्रत्येक मनुष्य के जीवन में जोश का संचार करती है। असंभव को भी संभव बना देने  की  ताकत है  उसमें। सपने के  सच  होने की  सम्भावना  ही जीवन  को रोचक  बनाती  है। और केवल  एक ही  चीज  है  जो  किसीसपने  को  पूरा  होना असंभव  बनाती  है  वह है  असफलता  का  डर  सपना आपके  जीवन में सबसेरहस्यमय और दिलचस्प अनुभवों में से एक है। आप अपनों  में  एक बहुत हीखुबसुरत जिंदगी जी सकते है अगर  आप सच मुच कभी सपने  देखे होंगे। जरासोचो  कि  सपनों के बिना  जीवन कैसा होगा ?  क्योंकि सपनों के बिना कोई भीजीवन नहीं जी सकता है और यह एक सनातन सत्य  है। अगर कोई इन्सान आपको कहता है कि उसे सपने नहीं  आते तो  इसका मतलब यह है कि वह अपनेसपनों  को भूल चुका है। आप को कभी भी यह याद नहीं  होगा कि आपका सपनाकहाँ  से शुरू हुआ था। जो सपने देखते हैं और मेहनत करते हैं उन्हें प्रतिफलअवश्य ही मिलता  है। जीवन में कठिनाइयाँ आपको  बर्बाद करने नहीं आती हैबल्कि यह आपकी  छुपी हुई सामर्थ्य और शक्तियों को बाहर निकलने में आपकी मदद करती है  मैं तो कहता हूँ कि कठिनाइयों को यह जान लेने दो की आपउससे भी ज्यादा कठिन हो। आत्मविश्वास और कड़ी मेहनत असफलता नामकबिमारी को  मारने के लिए सबसे अच्छी  दवा है। ये आपको एक सफल व्यक्तिबनाती है। आप अपना भविष्य नहीं बदल सकते पर आप अपनी आदतें  बदलसकते हैं  और निश्चित रूप से आपकी आदतें आपके  भविष्य को  बदल देगी।अपनी पहली सफलता के बाद विश्राम मत करो क्योंकि  अगर आप दूसरी बार मेंअसफल हो गए तो बहुत से लोगों के मुंह  यह कहने के इंतज़ार में होंगे की आपकीपहली सफलता केवल एक तुक्का था  जो लोग आधे अधूरे मन से कोई कामकरते हैं  उन्हें आधी अधूरी  सफलता  ही मिलती है जो चारों  ओर  कड़वाहट भरदेती है। सत्य यह है कि आपको  प्रयत्न करना नहीं छोड़ना चाहिए औरसमस्याओं  से नहीं हारना चाहिए। जिंदगी और समय विशव के दो सबसे बड़ेशिक्षक  हैं  ज़िंदगी आपको  समय का सही उपयोग करना सिखाती है जबकिसमय आपको  ज़िंदगी की उपयोगिता बताती  है।  ईश्वर  जो आपके  निर्माता हैंउन्होंने आपके  मष्तिष्क और व्यक्तित्व में  असीमित शक्तियां और क्षमताएं दीहै।  ईश्वर की प्रार्थना आपको  इन शक्तियों को विकसित करने में मदद करती है।हर  सुबह पांच बातें  अपने आप से अवश्य ही बोलो - (1) मैं सबसे अच्छा हूँ। (2)मैं यह कर सकता हूँ। (3) ईश्वर  हमेशा मेरे साथ है। (4) मैं एक विजेता हूँ। (5)आज का दिन मेरा दिन है। क्योंकि कारवाई करने के लिए एक तंत्र होना चाहिए।नियम कुछ ऐसे हो की उन्हें पकड़ो और ऊके अनुकूल चलो तो ये आपको सफलताके लक्ष्य तक अवश्य ही पहुंचा देगा - आदिश्री अरुण 
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