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Wednesday, 22 June 2016

अपना लक्ष्य कैसे प्राप्त करें ?


आदिश्री अरुण :
लक्ष्य पाने के लिए दो सबसे महत्त्वपूर्ण चीजें हैं  -एनर्जी (energy) और फोकस (focus) 
एनर्जी (energy): एनर्जी का अर्थ परिश्रम से है। बिना परिश्रम किए   लक्ष्य को हासिल नहीं किया जा सकता है । इसलिए उठो, जागो, अपना लक्ष्य  बनाओ, अपने लक्ष्य  पर फोकस करो, उस  लक्ष्य को पाने के लिए आप अपनी पूरी ताकत झोंक दो। अपने अन्दर जोस भरो और  तब तक नहीं रुको जब तक कि  लक्ष्य  प्राप्त न हो जाए ।
फोकस (focus) क्या है ?
फोकस (focus)  एक  शाश्वत  सत्य  है  क्योंकि   सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड में  हम  जिस  चीज  पर  ध्यान केन्द्रित  करते  हैं  उस  चीज  में  आश्चर्यजनक  रूप से  विस्तार  होता  है  । इसलिए  सफल  होने  के  लिए  हमें  अपने  चुने  हुए  लक्ष्य   पर  पूरी  तरह  से ध्यान जमाए रहना होगा  और  तभी  हम  उसे  हकीकत  बनते  देख  पायेंगे । लक्ष्य पर फोकस करना और उसे प्राप्त करने के लिए कड़ी मिहनत करना यही सोच होनी चाहिए । इसलिए आप  उस लक्ष्य को अपना जीवन बना लो, शारीर के हर हिस्से को उस विचार में डूब जाने दो और बाकी सभी विचारों को किनारे रख दो। यही सफल होने का तरीका है। चाहे जितनी भी विनाश (डिस्ट्रक्शन्स) आ जाएं, आपको सिर्फ और सिर्फ अपना लक्ष्य प्राप्त करना है और कुछ नहीं । दूसरी चीजें चाहे कितनी भी आकर्षित करने वाली (attractive) क्यों न हों, उसमें  कितना  भी  पैसा क्यों न मिले, कितनी भी शोहरत क्यों न मिले,  वे नहीं चाहिए बल्कि  मुझे अपने जीवन  में सिर्फ और सिर्फ एक चीज चाहिए वह है मेरा लक्ष्य और कुछ नहीं, ऐसा आपके अन्दर की  सोच हो।
फोकस (Focus) करने  का  क्या अर्थ  है ?
एक  आयडिया  लो । उस आयडिया को  अपना जीवन बना  लो।  उसके  बारे  में  सोचो,  उसके  सपने  देखो, उस आयडिया  को अपने  दिमाग में रखो, शरीर  के  हर  हिस्से  को  उस  आयडिया   में  डूब  जाने  दो , और  बाकी सभी  आयडियाज  को  किनारे  रख  दो।  यही सफल  होने  का  तरीका  है।   यही  वह   तरीका  है  जिससे महान लोग  निर्मित  होते  हैं । 
फोकस (Focus) करता  क्या  है  ?
आपने  बचपन  में  मैग्नीफाइंग ग्लास  जरूर इस्तेमाल  किया  होगा ? मैग्नीफाइंग ग्लास देखने  में  तो  एक साधारण  कांच  का  टुकड़ा  लगता  है पर  जब  हम  उसे  कागज  के  किसी  एक  हिस्से  पर  फोकस (Focus) करते   हैं  तो  थोड़ी  देर  में  वह   कागज  जलने  लगता  है । यानि कि फोकस (Focus)   चीजों  को  संभव बनाता  है  ।  जब  आप  भी  अपने लक्ष्य  पर  ध्यान जमाये रहते हैं (focused रहते  हैं)  तो  मार्ग  में  आने  वाली  सभी बाधाएं   जल  कर  ख़ाक  हो  जाती  हैं और आपका  रास्ता  साफ़  हो  जाता   है । इसकारण  आप  अपना  निर्धारित लक्ष्य प्राप्त  कर  पाते  हैं। फोकस (Focus) आपको  केवल   यह  नहीं  बताता है  कि  करना  क्या  है ? बल्कि वह यह  भी  बताता  है  कि  क्या  नहीं  करना  है ? फोकस (Focus) आपको  आपके  लक्ष्य से  बांधता  ही  नहीं  बल्कि वह  आपको   बेकार  की  चीजों  में  बंधने  से  बचाता  भी  है। 


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