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साँस बहुमूल्य है

मैं ऐसी सुन्दरता के साथ धैर्यपूर्वक नहीं रह सकता जिसे समझने के लिए किसी को व्याख्या करनी पड़े। मैं सत्य कहूंगा कि हरएक साँस बहुमूल्य है यदि  आप अपनी ज़िन्दगी से प्यार करते हैं तो साँस  बर्वाद करें, क्योंकि वो साँस ही है जिससे ज़िन्दगी बनी होती है। इस सत्य को अच्छी तरह से समझने के लिए सद्गुरु का शरण लेना चाहिए क्योंकि सदगुरु के बिना कोई भी दुसरे किनारे तक नहीं जा सकता।  जब सदगुरु के मुख  से एक शब्द  निकलता  है तो वह शब्द ब्रह्मांड के लिए एक आदेश बन जाता है। लेकिन प्रश्न यह उठता है कि सदगुरु कब मिलेंगे ? जब आपके सैकड़ों जन्म का पूण्य फल एक जगह इकट्ठा हो और साथ ही साथ  अपके घर का क्लेश मिट जाए और कलह मिट जाए, तब सदगुरु मिलेंगे ........आदिश्री अरुण 
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