Latest Post

Friday, 24 June 2016

जरा रुको और समझो

धन और व्यापार  जिन्दगी जीने के लिए आवश्यक है किन्तु  धन और व्यापार का स्थान ह्रदय में मत दो।  ह्रदय तो एक मात्र परमेश्वर के रहने का स्थान है जो मनुष्य परमेश्वर के रहने के स्थान में धन और व्यापार को रहने के लिए जगह देता है वह मूर्खों में महा मुर्ख है तथा अपने हाथ से अपना ही ह्त्या करने वाला व्यक्ति है - आदिश्री अरुण  
Post a Comment