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Friday, 6 May 2016

चंद्रेश का प्रश्न और आदि श्री का जबाब

चंद्रेश : आदि श्री के चरणों में मेरा प्रणाम स्वीकार हो। मेरी नौकरी छूट गई है और मेरे ऊपर बहुत सारा लैब्लिटी है। मेरे तीन बच्चे हैं और मैं किराए पर रहता हूँ। जहाँ कहीं भी काम के  लिए जाता हूँ , खाली हाथ वापस आता हूँ। मैं डरता हूँ कि मेरा भविष्य कैसा होगा ? आदि श्री जी, मुझे मार्गदर्शन कीजिए कि मैं क्या करूँ ?

आदि श्री : भूतकाल में मत उलझो , भविष्य के सपने में मत खो जाओ। वर्तमान पर ध्यान दो।  यही खुश रहने का रास्ता है। दुर्बलता को कभी आश्रय मत दो। इस ज्योति को छोड़ देने पर ये सब तुम्हारे  लिए और अधिक जीवित नहीं रह सकेंगेमर जाएंगे। तुम अपनी आत्मा के ऊपर स्थिर रहो।  मन का विकास करो और उसका संयम करोउसके बाद जहाँ इच्छा होवहाँ इसका प्रयोग करो तो उससे अति शीघ्र फल की प्राप्ति होगी। कठिन समय जीने की वजह से ही तुम पर आई है। सांसारिक धक्का ही तुम्हें  जगा देगा। वही इस जगत स्वप्न  को भंग करने में सहायता पहुँचाता है। इस प्रकार के लगातार आघात ही इस संसार से छुटकारा पाने की अर्थात् मुक्ति-लाभ करने की तुम्हारी  आकांक्षा को जाग्रत करते हैं। सभी मरेंगे - साधु या असाधुधनी या दरिद्र - सभी मरेंगे।चिर काल तक किसी का शरीर नहीं रहेगा। अतएव उठोजागो और संपूर्ण रूप से काम ढूंढने में लग जाओ। तुम्हें काम अवश्य मिलेगा।  तुम क्योँ रो रहे हो ? सब शक्ति तो तुम्हीं में हैं। ये चंद्रेशसूरत शब्द योग के द्वारा अपने स्वरूप को विकसित करो। ये तीनों लोक तुम्हारे पैरों के नीचे हैं। जड़  की कोई शक्ति नहीं, प्रबल शक्ति आत्मा की हैं। ये चंद्रेश! डरो मत्तुम्हारा नाश नहीं हैंसंसार-सागर से पार उतरने का उपाय हैं। तुम बहादुर हो। हिचकने वाले पीछे रह जायेंगे और तुम कुद कर सबके आगे पहुँच जाओगे। जो अपना उद्धार पाने  में लगे हुए हैंवे न तो अपना उद्धार ही कर सकेंगे और न दूसरों का उद्धार कर सकेंगे। ऐसा शोरगुल मचाओ की उसकी आवाज़ दुनिया के कोने - कोने में फैल जाय। कुछ लोग ऐसे हैंजो कि दूसरों की त्रुटियों को देखने के लिए तैयार बैठे हैंकिन्तु कार्य करने के समय उनका पता नहीं  चलता है। जुट जाओअपनी शक्ति के अनुसार आगे बढो। इसके बाद मैं सम्पूर्ण जगत में पहुंच कर सारे देश में उत्तेजना फूँक दूंगा। डर किस बात का है?  अगर तुम परमेश्वर पर भरोसा करते हो और उसके भरोसे का आदमी बनकर काम करोगे तो वह परमेश्वर मुश्किल से भी मुश्किल हालत में तुम्हें संभालेंगे।
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