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Wednesday, 17 February 2016

उच्चरित आशीर्वाद की शक्ति


आशीर्वाद "अच्छा होने और ख़ुशी" का एक वयान है जो की दूसरे के लिए कहा जाता है जिसका संबन्द्ध उच्चरित किये गए अच्छे कामनाओं भरी  शब्दों  को पूरा होना है। परमेश्वर की मूल योजना यह थी कि उनकी  सभी रचनाओं और मनुष्यों की उन्नति, शांति और सभी कामनाओं की पूर्ति हो परन्तु परमेश्वर की वह मूल योजना नष्ट हो गई जब संसार में पाप ने प्रवेश किया। वास्तव में आशीर्वाद का वयान  परमेश्वर की कामना है जिसका अर्थ है उसके लिए अच्छाई को पुनः स्थापित करना या उसके अच्छाई के लिए घोषणा करना। वह परम आशीर्वाद यह है कि परमेश्वर आपको नया जीवन दिए हैं और उन्होंने आपके सभी गलतियों को माफ किये हैं जो कि ईश्वर पुत्र में विश्वास करने के कारण मिला है। सांसारिक आशीर्वाद जिसको हम नित्य दिन ग्रहण करते हैं वह क्षणिक है, वह हमेशा के लिए नहीं है; परन्तु आध्यात्मिक आशीर्वाद जो आपको उपलब्ध है वह ईश्वर में अनंत काल की धारना के कारण है। सांसारिक और सारहीन बातों की ओर ध्यान न दें। क्योंकि आशीर्वाद वह है जिसका मददगार परमेश्वर है, जिसकी आशा परमेश्वर में  है। बोले जाने वाली आशीर्वाद की शक्ति परमेश्वर से आती है; जो कि स्वयं आशीषित है, जिसने हम सबको अपने निजधाम से सभी आध्यात्मिक आशीष से आशीषित किया  है। बोले जाने वाली आशीर्वाद को जो कोई सुनता है वह  उसके लिए अच्छाई लाता  है। जब कभी आप दूसरों को आशीर्वाद देते हैं तो आप सीधा परमेश्वर से उनके लिए अच्छाई की कामना करते हैं जिससे उनकी रक्षा होती है। जिस व्यक्ति और भगवान के बीच एक गैप आ गया  है, उनके विश्वास के कारण परमेश्वर के सम्राज्य में उनके लिए परमेश्वर की कृपा बरसे ऐसा निवेदन करते हैं और परमेश्वर खुश होकर उनपर अपनी कृपा को बरसाते हैं। इसलिए उस मनुष्य के साथ  जो कुछ भी अच्छा होता है, उनके साथ होने वाली अच्छाई को  देखकर वे विरोध में कुछ कह नहीं सकते  और उसके साथ इतना अच्छा न हो ऐसा भी  नहीं कह सकते।     

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