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धर्मशास्त्रों ने मनुष्यों को क्या चेतावनी दिया ?


हे धूल में पड़े लोगों ! आज आपको ईश्वर का नाम अच्छा लगता है और आप ईश्वर की बातें सुनना चाहते हैं इसका कारण यह है कि आपको ईश्वर ने चुन लिया  है। आप सबसे बलवान नहीं हैं , आप सबसे बुद्धिमान नहीं हैं ,आप सबसे धनवान नहीं हैं फिर भी आपको परमेश्वर ने इसलिए चुना है कि ताकि आप बलवानों के सिर को निचा कर दें, बुद्धिमानों के सिर को  निचा कर दें और धनवानों के सिर  को  निचा कर दें।  आप इस योग्य बनें ताकि परमेश्वर आपके आगे - आगे अगुवाई करता हुआ चलें और आपके पीछे भी रक्षा करता चलें। परमेश्वर ने मनुष्य से यह प्रतिज्ञा किया कि मैं तुम्हारे  आगे - आगे अगुवाई करता हुआ चलूँगा  और तुम्हारे  पीछे भी रक्षा करता चलूँगा । (धर्मशास्त्र, यशायाह ५२:१२) उन्होंने आगे यह भी कहा कि - यह हो सकता है कि कोई माता अपने दूधपिउवे बच्चे को भूल जाये और अपने जन्माए हुए लड़के पर दया न करे परन्तु मैं तुझे नहीं भूल सकता। (धर्मशास्त्र, यशायाह ४९ :१५) जब आप बालक थे तो आप संसार की आदि शिक्षा के वश में होकर दास बने हुए थे परन्तु जब समय पूरा हुआ तब परमेश्वर ने आपके लिए अपने पुत्र को धरती पर भेजा ताकि आप परमेश्वर को जानकर परमेश्वर के पीछे हो लें और मृत्यु के चंगुल से छुटकर अनन्त जीवन को प्राप्त करें। मैं आपसे यह बात इसलिए कह  रहा हूँ कि आज पूरा संसार शैतानों के वश में है और वह आपको  मृत्यु के मुख में डालने के लिए अज्ञान के अथाह समुद्र में दाल दिया है ताकि आप अपना भला - बुरा न समझ सकें। वह आपको परमेश्वर से अलग करना चाहता है,  वह आपको अपना मित्र बनाने की कोशिशों में जूटा  है क्योंकि उसकी मनसा ठीक नहीं है। इसलिए मेरी इच्छा तो यह कि अब मैं आपके पास आकर आपसे कुछ  और प्रकार से बोलूँ  क्योकि आपके विषय में संदेह है। आपको जिस व्यवस्था के अधीन होना चाहिए आप उस व्यवस्था से दूर हो चुके हैं और परमेश्वर का वह प्रतिज्ञा किया  हुआ दिन प्रकट होने के लिए अपने कदम में  चाल दे रहा है। कुरान में उसको क़ियामत का दिन कहते हैं। पवित्र कुरान, तर्जुमा, सूरः कमर ५४ का आयत ४६, पेज नम्बर ८४५ में इसको निम्न लब्जों में भविष्वाणी के रूप में वयान किया गया है :- "परमेश्वर के वायदे का वक्त तो क़ियामत है और क़ियामत बड़ी सख्त और बहुत कड़वी है। " धर्मशास्त्र, यहेजकेल ३२:७-८ में तो यह भविष्यवाणी की गई है कि "जिस समय मैं तुझे मिटाने लगूँ उस समय मैं आकाश को ढकूँगा और तारों को धुंधला कर दूंगा। मैं सूर्य को बादल से छिपाऊँगा और चन्द्रमा अपना प्रकाश न देगा। तेरे देश में अन्धकार कर दूंगा। " यह घटना जिस महीने में घटेगी, उस महीने के १५ वें दिन से ही वह घटना घटेगी। परमेश्वर की यह वाणी है कि उस समय मैं सूर्य को दोपहर दे समय अस्त कर दूंगा और देश को दिन दुपहरी अँधियारा कर दूंगा। (धर्मशास्त्र, आमोस ८:९) भविष्यवाणी में यह भी कहा गया है कि प्रभु के महान दिन और प्रसिद्ध दिन आने से पहले सूर्य अंधेरा और चाँद लहू के जैसा लाल हो जायेगा। (धर्मशास्त्र, प्रेरितों के काम २:२० तथा योएल २:३१)
          हे अंधेरे में पड़े लोगों ! अपने बुलाए जाने को  सोचो कि न शरीर के अनुसार बलवान, न बहुत ज्ञानवान और न बहुत कुलीन बुलाए गए। (धर्मशास्त्र, I कुरिन्थियों १:२६) परमेश्वर ने जगत में मूर्खों को चून  लिया है ताकि वह ज्ञानवानों को लज्जित करे;  परमेश्वर ने जगत के निर्बलों को चुन लिया है ताकि वह बलवानों को लज्जित करे और परमेश्वर ने जगत के नीचों  और तुच्छों को चुन लिया है ताकि सामर्थ्यवान, बलवान और बुद्धिमान को बेकार साबित करे।  (धर्मशास्त्र, I कुरिन्थियों १:२७-२८) इसलिए मैं आपसे कहता हूँ कि जिस बुलाहट से आप बुलाये गए थे उसके योग्य  चाल  चलिये। ( धर्मशास्त्र, इफिसियों ४:१) 


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