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Friday, 7 August 2015

शान्ति का श्रोत क्या है ?


आज परमेश्वर कल्कि नाम से आपके बीच आये हैं। उनके आने का उद्देश्य क्या है ? आपको शान्ति देना। संसार जैसा शान्ति देता है वैसा शान्ति नहीं; ईश्वर आपको संसार के लोगों के जैसा शान्ति नहीं देंगे। इसलिए आपका मन व्याकुल न हो और आप न डरें।  ईश्वर ने कहा कि मैं जानता हूँ कि जब आपके जीवन में दुःख - दर्द आता है, तब आप व्याकुल  हो जाते हैं। जब आपके परिवार में विमारियां आती हैं तब आपका मन टूट जाता है। जब आप आर्थिक संकट में पड़ जाते हो तब आपका मन बौखला जाता है। इसलिए ईश्वर ने वादा किया कि जिस प्रकार माता अपने पुत्र को शान्ति देती है ठीक उसी प्रकार मैं भी तुम्हें शान्ति दूंगा। परमेश्वर ने कहा कि मैं तुम्हें ऐसा बोल और बुद्धि दूंगा कि तुम्हारे सब विरोधी मिल कर  भी उसका सामना या खंडन न कर सकेंगे। परमेश्वर ने तीसरी बार आपसे वादा किया कि मेरे नाम से तुम जो कुछ भी मांगोगे मैं तुमको दूंगा। मैं तुम्हारे लिए शान्ति का नदी बहा दूंगा ताकि तुम्हारी आत्मा शान्ति से भर जाय। इसलिए जब तुम मुझे यह  कह कर पुकारोगे कि हे परमेश्वर मैंने सब कुछ खो दिया खास करके शान्ति और आपको छोड़कर मेरा दूसरा कोई मार्ग नहीं है।  आप मुझे शांति दे दो, आप मुझे एक बार और अपने बच्चे के रूप में स्वीकार  कर लो, तब मैं तुम्हारी सुनूंगा। तुमने जितना खोया है उसका मैं दूगुना दूंगा। 
परमेश्वर ने कहा कि  मैं शान्ति का धनी हूँ। मैं शान्ति का राजा हूँ। मेरे पास शांति रूपी धन है। जब तुम मेरे पास आओगे तब तुम शान्ति से भर जाओगे। तुम्हारा परिवार शांति से भर जाएगा। जब मैं तुम्हारे घर आऊंगा तब तुम अपने आस - पास शान्ति अनुभव करोगे। जब तुम यह कहोगे कि मुझको शुद्ध कर दो ताकि मेरे घर में शान्ति बहुतायत हो तब मैं तुम्हारे घर शांति का बरसात करूंगा। लेकिन इसके लिए तुम अपने घर का नीव परमेश्वर के चट्टान पर रखो। तुम परमेश्वर को स्वीकार करो। तुम्हारी पत्नी परमेश्वर को स्वीकार करे। तुम्हारा बेटा परमेश्वर को स्वीकार करे।  तुम्हारी बेटी परमेश्वर को स्वीकार करे। किस परमेश्वर को स्वीकार करो ?केवल उस परमेश्वर को जो परमेश्वर धरती पर अपने नए नाम कल्कि नाम से आये हैं। तब जो तुम्हारा घर बनेगा उसमें भरपूर शान्ति होगी। मैं तुम्हारे लिए आशीष की बरसात करूंगा। मैं तुम्हे कभी नहीं त्यागुंगा क्योंकि मैं जानता हूँ कि मेरे सिवा तुम्हारा कोई नहीं है। मैं जनता हूँ कि तुम्हारा दुःख - दर्द सुनने वाला मेरे सिवा तुम्हारा कोई नहीं है। मैं जानता हूँ कि वीमारी से तुम्हें छुटकारा दिलाने वाला  मेरे सिवा तुम्हारा कोई नहीं है। मैं तुम्हें अनाथ न छोड़ूंगा।
परमेश्वर ने कहा कि तू हियाव बाँध और दृढ हो, उनसे न डर और न भयभीत हो क्योंकि  तुम्हारे  संग चलने वाला तेरा परमेश्वर है। वह तुमको धोखा न देगा और न रास्ते में छोड़ेगा।  इसलिए तेरा मन कच्चा न हो।
परमेश्वर जिस नाम से धरती पर  आएं हैं उस परमेश्वर के नाम को जानो और परमेश्वर के उस नाम का जप करो, उस नाम का  संकीर्तन करो तब वह परमेश्वर  कल्पना  से बढ़ कर तुमको देंगे।  उस परमेश्वर की ओर नजर उठाओ, केवल उसी परमेश्वर से उम्मीद रखो, केवल उसी परमेश्वर को अपना दुखरा सुनाओ तो  परमेश्वर तुम्हारी सुनेंगे और तुम्हारी कल्पना से बढ़कर तुमको देंगे।    

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