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Friday, 31 July 2015

परमेश्वर की क्या आज्ञा है ?



परमेश्वर चाहते हैं कि तुम  परमेश्वर से ज्ञान और बुद्धि प्राप्त करो  क्योंकि बुद्धि  तेरी रक्षा करेगी। तुम बुद्धि से प्रीति रखो  क्योंकि वह तेरा पहरा देगी। बुद्धि श्रेष्ट है इसलिए उसकी प्राप्ति के लिए यत्न करो । उसकी बड़ाई करो  तो वह तुझको बढ़ाएगी। जब तू उससे लिपट जाओगे तब वह तेरी महिमा करेगी। वह तेरे सिर पर शोभायमान आभूषण बांधेगी। तू बुद्धि को प्राप्त करो  और समझ को भी  प्राप्त करो । उनको भूल न जाना और न परमेश्वर की  बातों को छोरना। परमेश्वर ने  तुझे बुद्धि का मार्ग बताया है और सिधाई के पथ पर चलाया है ताकि चलने में तुझे कोई रोक - टोक न हो, चाहे तू दौड़े तो भी ठोकर न खाये। आज्ञा तो दीपक है और शिक्षा ज्योति, और सिखाने वाले  की डांट जीवन का मार्ग है। परमेश्वर ने कहा  कि  चुकि तू मेरा बहुत प्रिय है, इसलिए मैं तुझसे  परम हितकारक वचन कहूँगा। जो बुद्धि को प्राप्त करता है वह अपने प्राण का प्रेमी ठहरता है और जो समझ को धरे हुए  है उसका कल्याण होता है। जो मनुष्य बुद्धि को धारण करता है वह विलम्ब से क्रोध करता है और वह जयजयकार पाकर आनन्दित होता है। हर बुद्धिमान स्त्री अपने घर को बनाती है और मूढ़ स्त्री उसको अपने हाथों से डाह देती है। बुद्धिमान अपने वचनों के द्वारा रक्षा पाते हैं।  इसलिए तू बुद्धिमानों की संगति करो तो तू भी बुद्धिमान होजाअोगे । जो मनुष्य  परमेश्वर की दृष्टि में अच्छा है, उसको वे  बुद्धि, ज्ञान और आनंद देते  हैं । परन्तु पापी को दुःख भरा काम ही देते  हैं । यदि तुम में से किसी को बुद्धि की घटी हो तो वह  परमेश्वर से मांगे  जो बिना उलाहना दिए सबको उदारता से देता है।  परन्तु विश्वास से मांगो  और कुछ संदेह न करो क्योंकि संदेह करने वाला समुद्र के लहरों  के समान है जो हवा से बहती और उछलती है। हे मेरे भाई ! धोखा न खाओ क्योंकि हर एक अच्छा वरदान और हर एक उत्तम दान ऊपर से ही मिलता है जिसमें न तो कोई परिवर्तन होसकता है और न अदल बदल। जो ऊपर से है वह सर्वोत्तम है और जो धरती का है वह नाशवान है। तुम अपना विश्वास अपने  कर्मों के द्वारा दिखाओ ।     

3 comments:

yuresh said...

I feel wisdom-Buddhi-alongwith faith and trust in God is necessary.

DILIP KUMAR said...

Ese padh kar hme khushi mila jine ka amulya gahna mila.

DILIP KUMAR said...

Guru ke bataye huye marg pe hamesa chalna chahiye,jo nahi chalta wo dar dar ki thokre khata phirta hai.